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Sunday, January 2, 2011

वालेट पे खतरा


महीने की दो तारीख है आज
गर्मजोशी से हाथ मिलाना
खिलखिलाकर हंसना
और एक मदमस्त चुम्बन
पिछ्ला अनुभव बताता है
आज मेरे वालेट पर ख़तरा है //
क्योकि ...
तुम्हारी ये अदाएं
चुम्बक है नोटों के लिए //

11 comments:

  1. ऐसा भी हो सकता है !

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  2. ख़तरा ! नोटों पर ?
    ऐसा ही लगता है.

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  3. बहुत खूब ...।

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  4. जय श्री कृष्ण...आपका लेखन वाकई काबिल-ए-तारीफ हैं....नव वर्ष आपके व आपके परिवार जनों, शुभ चिंतकों तथा मित्रों के जीवन को प्रगति पथ पर सफलता का सौपान करायें .....मेरी कविताओ पर टिप्पणी के लिए आपका आभार ...आगे भी इसी प्रकार प्रोत्साहित करते रहिएगा ..!!

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  5. मदमस्त चुम्बन.......क्योकि ...आज मेरे वालेट पर ख़तरा है .....हा हा हा .....

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  6. wah, very nice sir. happy new year.

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  7. जग जाहिर सत्य। बहुत खूब....

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  8. nice hahahahaha..............

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  9. अच्छी व्याख्या और विवेचना कितना सच्चा कितना अच्छा

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