
बादल बरसे घनन -घनन
पायल बाजे छनन -छनन
मस्त पवन में बार-बार ,तेरा आँचल उड़ता जाए
देख तुम्हारा रूप कामिनी, कौन नहीं ललचाए //
हर पत्ता बोले टपक- टपक
हर पक्षी गाए चहक -चहक
गिरती जल-बूंदों से, अधरों की लाली बढती जाए
सूंघ तुम्हारा गंध माधुरी , प्रकृति शोर मचाए//
देख तुम्हारा रूप कामिनी, कौन नहीं ललचाए //
आँखे देखें ,टुकुर -टुकुर
लव हिलते है,सुकुर -सुकुर
देख तुम्हारी काली जुल्फें ,नागिन भी शरमाए
मोर-मोरनी बन मेरा मन,चहुँ ओर दौड़ लगाए //
देख तुम्हारा रूप कामिनी, कौन नहीं ललचाए //
देख तुम्हारा रूप कामिनी, कौन नहीं ललचाए .....
ReplyDeleteख़ूबसूरती का इतना खूबसूरत बखान .....वाकई लाज़बाब .....
बबन जी प्रेम के रस से सरॉबार बहुत ही सुंदर रचना है आपकी शुक्रिया सांझा करने के लिए.....:)
ReplyDeleteThanks for sharing with a lovely composition along with a very cute Photograph of a beautiful lady. It depends solely on one as with what intention, he looks to that lady who may be some one’s sister, sister-in-law, aunty, friend or anybody close to one.. As per our mythology, ladies have a place of pride in our society as they are very much loved and adored.Let us adore them and take them as replica of Goddess Sarsawati, Goddess Laksmi and Goddess Durga!
ReplyDeletelavanyamayee rachna...:)
ReplyDeleteaur us se jayda lavanya wali photo...:D
Great.....!
ReplyDeleteप्रेम की सघन वर्षा।
ReplyDeleteShringaar ras mein doobi hui panktiyan aur bahut hi sundar chitra dwara abhivyakti...........thanks for sharing............baban ji
ReplyDeleteदेख तुम्हारा रूप कामिनी, कौन नहीं ललचाए!लालच लप लप आहा !
ReplyDeleteलाज़बाब...खूबसूरत|
ReplyDeleteखूबसूरत अभिव्यक्ति ..
ReplyDeleteसूंघ तुम्हारा गंध माधुरी , प्रकृति शोर मचाए//
ReplyDeleteदेख तुम्हारा रूप कामिनी, कौन नहीं ललचाए //
बहुत ही प्यारी अभिव्यक्ति..बधाई....
एहसास की यह अभिव्यक्ति बहुत खूब
ReplyDeleteThanks for sharing with a lovely composition along with a very cute Photograph of a beautiful lady. It depends solely on one as with what intention, he looks to that lady who may be some one’s sister, sister-in-law, aunty, friend or anybody close to one.. As per our mythology, ladies have a place of pride in our society as they are very much loved and adored.Let us adore them and take them as replica of Goddess Sarsawati, Goddess Laksmi and Goddess Durga!Very good and fabulous composition displaying various picture of lady................
ReplyDeletewah.. kya bat hai..
ReplyDeleteदेख तुम्हारी काली जुल्फें ,नागिन भी शरमाए
मोर-मोरनी बन मेरा मन,चहुँ ओर दौड़ लगाए //
देख तुम्हारा रूप कामिनी, कौन नहीं ललचाए //
achchi rachanaye padane ke liye ek behatar blog mila..
aabhar
bahut achchha likha hai Babban bhai....Dil abhi poora jawan hai....
ReplyDelete"SHRINGAAR RAS" AT ITS BEST....BABAN JI...!badhaai sweekaarein....
ReplyDeleteरचना यह संगीतमयी है
ReplyDeleteमुझको यह अति भाई,
इस कविता के लिये बबनजी
मेरी अधिक बधाई,,,,,,,
कृपया इसे भी पढ़े-
नेता कुत्ता और वेश्या
बहुत सुन्दर प्रस्तुति... बहुत बहुत बधाई...
ReplyDeleteसाक्षात कामिना का रूप यौवन नजारा बहुत खुबसुरत है कविता मे एक ली है एक गंध है जो पाठकगण को कामिनी कि ओर अपने आप आकृष्ट हो जाता है बहुत बडिया मन गी गहराई से कल्पना कि है.बहुत खूब,,,....
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