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Monday, March 19, 2012

आपकी आँखें

इन्हें समंदर कहूँ या झील
देख इन्हें, खिल जाता दिल //

इन आखों का रंग है श्यामल
जैसी इसमें खिला कोई कमल //

ये काले बादल है नीला आसमान
देख इन्हें मैं हो जाता बेईमान //

13 comments:

  1. आँख फाड़ना ताड़ना, ठंडी करना आँख ।

    आँख फेरना ना कभी, बट्टा लागे शाख ।।

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  2. ओह इस किवता के लिए चित्र नहीं ढूँढ पाये! शेष तो लगता है आपने चित्र देख कर ही लिखी हैं।

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  3. वाह !! 'आपकी ऑंखें' ..... बहुत खूब.

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  4. रची उत्कृष्ट |
    चर्चा मंच की दृष्ट --
    पलटो पृष्ट ||

    बुधवारीय चर्चामंच
    charchamanch.blogspot.com

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  5. बहुत सुन्दर रचना:-)

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  6. बहुत सुंदर रचना,..

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  7. तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रखा ही क्या है ......बहुत सुंदर

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