खट्टे -मीठे अनुभव/रंग-बिरंगी कवितायें
आपकी मस्त साँसें भी गज़ब ढाती है मुझ परमौसम तो सर्द हुई , मगर तन की गर्मी बढती गई //इश्क की नमकीनी और गर्मी है भाई साहब यह .बढ़िया रचना भाव जगत को रूपायित करती ...
यादों की दरिया में मैं डूबता चला गयाभूख तो कम हुई, मगर प्यास बढती गई..........kya baat hai...anubhavjany panktiyan...
भूलने की कोशिस में , तुम और याद आती गईkya khub kaha hai...........
यादों की दरिया में मैं डूबता चला गयाभूख तो कम हुई ,मगर प्यास बढती गई //बहुत सुंदर रचना...बबन जी ......MY RECENT POST...काव्यान्जलि ...: आँसुओं की कीमत,....
शुक्रिया ... लाज़वाब लेखन SIR JEE
जालिम शेर -कातिल निगाह नजरें रख के चित्र पर, दिया शेर पर ध्यान ।हुआ कलेजा चाक फिर, दिया दर्द एहसान ।।
बहुत खूब...
आपकी मस्त साँसें भी गज़ब ढाती है मुझ परमौसम तो सर्द हुई , मगर तन की गर्मी बढती गई //...bahut sunder
अच्छा लगा पढ़ना.
बढाते रहिये प्यास!!
बहुत बढ़िया...
भूलने की कोशिस में , तुम और याद आती गईहवा तो कम हुई , मगर वारिस बढती गई //बहुत सुंदर.
आपकी मस्त साँसें भी गज़ब ढाती है मुझ परमौसम तो सर्द हुई , मगर तन की गर्मी बढती गई // excellent
आपकी मस्त साँसें भी गज़ब ढाती है मुझ पर
ReplyDeleteमौसम तो सर्द हुई , मगर तन की गर्मी बढती गई //
इश्क की नमकीनी और गर्मी है भाई साहब यह .बढ़िया रचना भाव जगत को रूपायित करती ...
यादों की दरिया में मैं डूबता चला गया
ReplyDeleteभूख तो कम हुई, मगर प्यास बढती गई..........
kya baat hai...anubhavjany panktiyan...
भूलने की कोशिस में , तुम और याद आती गई
ReplyDeletekya khub kaha hai...........
यादों की दरिया में मैं डूबता चला गया
ReplyDeleteभूख तो कम हुई ,मगर प्यास बढती गई //
बहुत सुंदर रचना...बबन जी .....
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MY RECENT POST...काव्यान्जलि ...: आँसुओं की कीमत,....
शुक्रिया ... लाज़वाब लेखन SIR JEE
ReplyDeleteजालिम शेर -
ReplyDeleteकातिल निगाह
नजरें रख के चित्र पर, दिया शेर पर ध्यान ।
हुआ कलेजा चाक फिर, दिया दर्द एहसान ।।
बहुत खूब...
ReplyDeleteआपकी मस्त साँसें भी गज़ब ढाती है मुझ पर
ReplyDeleteमौसम तो सर्द हुई , मगर तन की गर्मी बढती गई //...bahut sunder
अच्छा लगा पढ़ना.
ReplyDeleteबढाते रहिये प्यास!!
ReplyDeleteबहुत बढ़िया...
ReplyDeleteभूलने की कोशिस में , तुम और याद आती गई
ReplyDeleteहवा तो कम हुई , मगर वारिस बढती गई //
बहुत सुंदर.
आपकी मस्त साँसें भी गज़ब ढाती है मुझ पर
ReplyDeleteमौसम तो सर्द हुई , मगर तन की गर्मी बढती गई // excellent