रोमांटिक कविताएं
खट्टे -मीठे अनुभव/रंग-बिरंगी कवितायें
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Saturday, July 20, 2013
बेवफा कांटें
प्रत्यक्ष गवाह हैं
ये हरी पत्तियाँ
जब उन्मादी भवरे
आये थे ...
रस चूसने /फूलों का
ये बेवफा कांटें
दुबक कर
सिर्फ देखते रहे
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