खट्टे -मीठे अनुभव/रंग-बिरंगी कवितायें
आँख फाड़ना ताड़ना, ठंडी करना आँख ।आँख फेरना ना कभी, बट्टा लागे शाख ।।
बेहतरीन
ओह इस किवता के लिए चित्र नहीं ढूँढ पाये! शेष तो लगता है आपने चित्र देख कर ही लिखी हैं।
वाह !! 'आपकी ऑंखें' ..... बहुत खूब.
रची उत्कृष्ट |चर्चा मंच की दृष्ट --पलटो पृष्ट ||बुधवारीय चर्चामंचcharchamanch.blogspot.com
बहुत खूब!
बहुत सुन्दर रचना:-)
बहुत खूब!sir jee
बहुत सुंदर रचना,..
तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रखा ही क्या है ......बहुत सुंदर
आँख फाड़ना ताड़ना, ठंडी करना आँख ।
ReplyDeleteआँख फेरना ना कभी, बट्टा लागे शाख ।।
बेहतरीन
ReplyDeleteओह इस किवता के लिए चित्र नहीं ढूँढ पाये! शेष तो लगता है आपने चित्र देख कर ही लिखी हैं।
ReplyDeleteवाह !! 'आपकी ऑंखें' ..... बहुत खूब.
ReplyDeleteरची उत्कृष्ट |
ReplyDeleteचर्चा मंच की दृष्ट --
पलटो पृष्ट ||
बुधवारीय चर्चामंच
charchamanch.blogspot.com
बहुत खूब!
ReplyDeleteबहुत सुन्दर रचना:-)
ReplyDeleteबहुत खूब!sir jee
ReplyDeleteबहुत सुंदर रचना,..
ReplyDeleteतेरी आँखों के सिवा दुनिया में रखा ही क्या है ......बहुत सुंदर
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