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Friday, July 4, 2014

हम,तुम और गुलाब

आज फिर
तुम्हारी पुरानी स्मृतियाँ झंकृत हो गई
और इस बार कारण बना
वह गुलाब का फूल
जिसे मैंने
दवा कर
किताबों के दो पन्नों के
भूल गया गया था

और उसकी हर पंखुड़ियों पर
हम-दोनों के बीच
प्यार के गुफ्तगू लिखे थे  

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