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Sunday, November 6, 2011
Monday, October 31, 2011
आई लव यू

मैंने कितनों को
आई लव यू कहा
बिना उसका मतलब समझे
कहने में क्या लगता है //
लताओं ने मुझसे कहा
मैंने भी कहा "आई लव यू " शाखाओं को
अब उससे लिपटी रहती हूँ //
साँपों ने मुझसे कहा
मैंने भी कहा "आई लव यू " चन्दन के वृक्ष को
अब उसे लिपटा रहता हूँ //
अब मैंने भी समझ लिया है
आई लव यू का मतलब
अब सोचकर /समझकर
किसी एक को बोलूंगा //
Sunday, October 30, 2011
मेरी माधवी
Saturday, October 29, 2011
तुम हो तो !!
Saturday, October 22, 2011
प्रेम-नगाड़ा
Tuesday, October 11, 2011
अब चैन कहाँ
Thursday, October 6, 2011
तेरी आँखें

तुम मेरे नैनों की ज्योति
देख तुम्हें छाती हरयाली
बिन देखे तेरा सुन्दर मुखड़ा
दिल भटकता जैसे बोतल खाली//
तुम बिन मैं ,बिन डोर पतंग
बिन सुरभि जैसे कोई सुमन
खोलो अपने नैन नशीले
मुझे पिला दो पूरी प्याली //
स्वेत कमल पर हो बैठे
दो काले भवरे जैसी आँखें
शशि आई है तुम्हें खोजने
कर दो अब यह रैन मखमली //
कभी हभी गुलज़ार हैं आँखें
कभी पजी तलवार है आँखे
तेरी आँखों में छुपा खजाना
करना है अब मुझे रखवाली //
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